योग निद्रा की विधि, निर्देश, और लाभ

benefits of yoga nidra

योग निद्रा के बारे में

योग निद्रा सोने और जागने की बीच की अवस्था है। इसे शवासन भी कहते है , शव का मतलब मृत शरीर से है।अंग्रेजी में इसे क्रॉप्स और डी.आर.टी कहते है , डी.आर.टी का मतलब डीप रिलैक्सेशन टेक्नीक से है।

योग निद्रा से पहले यह आसन करें 

योग निद्रा करने से पहले आप नीचे दिए गए आसनो को करे।आसनो के करने के बाद योग निद्रा करने से आपको आराम महसूस होगा और शरीर में ऊर्जा का संचार होगा।शरीर में थकान का अनुभव नहीं होगा। योग निद्रा आसनो का अंतिम चरण है।

सूर्य नमस्कार
शलभासन।
हलासन।

योग निद्रा की विधि

योग निद्रा करने की विधि नीचे दी गयी है, जिसे ध्यानपूर्वक करने से पहले पढ़ें ,इससे आपको योग निद्रा करते समय आसानी होगी ।

  • सर्वप्रथम पीठ के बल जमीन पर सीधा लेट जाएँ , ध्यान दे की आपके रीढ़ की हड्डी जमीन से चिपकी हुई होनी चाहिए।
  • अब दोनों पैरों को इस तरह फैलये की उनके बीच कम से कम 1 फुट का अंतर हो, भुजाएं (both arm) अपने कमर से 45 डिग्री की दूरी तक रखें और दोनों हाथों की हथेलियओ को आसमान की ओर खुली करके रखे।
  • गर्दन को आराम से जमीन पर रखें, ध्यान दे की कोई खिचाव न हो, आपके शरीर का प्रत्येक अंग ढीला (Loose) होना चाहिए, अब आप अपने होठो पर हल्की सी मुस्कान रखते हुए एक गहरी साँस ले और साँस छोड़े।
  • अब आप धीरे-धीरे अपना ध्यान अपने पैर की उंगलियों पे लाएं,(1 से 2 बार) उन्हें हिलाएं और आराम करने दे।
  • अब आप अपना ध्यान अपने पैरों के पंजों पे लाएं, (1 से 2 बार) उन्हें हिलाएं और आराम करने दे।
  • धीरे-धीरे अपना ध्यान अपने पिंडली की मांसपेशी(calf muscles) पे लाएं,मांसपेशियों को खिंचाव दे और आराम करने दे।
  • अब अपना ध्यान धीरे-धीरे अपने घुटनो पे लाये और अपने घुटने की कटोरियों (knee cap) को ऊपर खींचे और उन्हें आराम करने दे।
  • अपने नितंब(Buttock) की मांसपेशियों को सिकोड़ें और ढीला छोड़ दे। एक गहरी साँस ले और साँस छोड़े और अपने शरीर के निचले हिस्से में आराम को महसूस करें।
  • अपना ध्यान अपने कमर पे लाये और उन्हें जमीन पर आराम करने दे।
  • अब आप अपने हाथ की उंगलिओं को हिलाये और हथेलिओं को ढीला छोड़े अपनी भुजाओँ को हिलाये और अपने हांथो को आराम करने दे।
  • अब अपना ध्यान फेफड़ों पे लाये सांस लेते हुए अपनी छाती को फुलाएं फिर साँस छोड़े और फेफड़ों को आराम करने दे।
  • अपने कंधे को हिलाये और शिथिल छोड़े अब अपने शरीर के मध्यम भाग में आराम (Enjoy the Relaxtation) को महसूस करें।
  • अब अपना ध्यान शरीर के ऊपरी हिस्से में लाये, तथा अपने गर्दन को दाएं से बाएं और बाएं से दांये की ओर घुमाये, और अब आप उन्हें सीधा रखे।
  • अपना ध्यान अब आप अपनी सांसो पे लाये, और उन्हें महसूस करे। साँस लेते (breath in) समय आप ठंडी हवा को महसूस करें और साँस छोड़ते (breath out) समय गर्म हवा को महसूस करें।
  • क्रमश: अब आप अपना ध्यान अपने नाक, कान , जीभवा ,ठोढ़ी, पलकों ,आँखों की पुतलियों और माथा (forehead) पर लाये, और आराम करने दे।चेहरे को तनाव से मुक्त रखे, और अब अपने शरीर के ऊपरी हिस्से में आराम (Enjoy the Relaxtation) को महसूस करें।
  • गहरी साँस लीजिये ध्यान रखे साँस लेते समय पेट को गुब्बारे को तरह फुलाए और साँस छोड़ते समय पेट अंदर की ओर खींचे। साँस छोड़ते समय नकारात्मक ऊर्जा को खुद से दूर करें , साँस लेते हुए ॐ का जप करें और सकारात्मक ऊर्जा को ग्रहण करें।(10 से 15 मिनट की स्थिति में आराम करें)
  • धीरे – धीरे अपने हाथों और पैरों की अंगुलियों को हिलाये , पुरे शरीर में हल्केपन को महसूस करें और दिव्य ऊर्जा का प्रवाह अनुभव करें। अपने हाथो को शरीर के बगल में लाये और दाहिने हाथ को जमीन से स्पर्श करते हुए सर के ऊपर ले जाएँ , बांये हाथ को पेट पर रखे ,बांये पैर को घुटने से के पास मोड़ें और दाएं तरफ लेट जाएं। बाएं हाँथ को सीने के पास जमीन पर रखे, दोनों हाथों का सहारा लेते हुए ध्यानात्मक मुद्रा में बैठे।अपने हथेलिओं को रगड़े और अपनी आँखों पर रखे , चेहरे पर हल्का मसाज दे और धीरे – धीरे अपनी आँखों को खोले अब आप अपने मन एवं शरीर में हुए परिवर्तन को महसूस करें।

योग निद्रा के समय ध्यान दें 

योग निद्रा के समय निम्न बातों का ध्यान दें।

  1. ध्यान रखे योग निद्रा करते समय आपके आँखे बंद होनी चाहिए।
  2. कोशिस करें की योग निद्रा के दौरान आप नींद में न जाएँ।
  3. नकारात्मक ध्यान आपके मन में नहीं होने चाहिए, केवल अपने सांसो पे ध्यान रखे।आपके शरीर के किसी अंग में तनाव नहीं होना चाहिए , पूरी तरह से ढीला होना चाहिए। ॐ के जप के बाद आप अपने शरीर को बिलकुल न हिलाये।

योग निद्रा के फायदे

योग निद्रा के अनेक फायदे जो नीचे निम्नलिखित दिये गए हैं। योग निद्रा करने से आपका शरीर स्वस्थ और मन शांत रहता है।

  1. योग निद्रा करने से एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ती है।
  2. इस आसन को सही तरह से करने से दिमाग तेज होता है।
  3. शवासन नियमित करने से गंभीर रोग जैसे उच्च रक्तचाप, दिल की बीमारी आदि नहीं होता।
  4. यदि आपको मधुमेह है तो योग निद्रा अवश्य करे।
  5. शवासन करने से मन शांत रहता है और घबराहट दूर हो जाती है, चेतना विकसित होती है।
  6. योग निद्रा करने से मानसिक बीमारियां नहीं होती।

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