“योग करने के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण उपकरण जो आपको चाहिए होंगे वो हैं आपका शरीर और आपका मन।“

सूर्य नमस्कार - Surya Namaskar

सूर्य नमस्कार में आसन और प्राणायाम दोनों हैं।
यह आसन और शीथिलीकरण व्यायाम का मिश्रण
है। इसको करने से शरीर में लोच आता है। इसको
सूर्योदय और सूर्यास्त के समय निम्न मंत्रोंच्चारण
के बाद किया जाता है। सूर्य नमस्कार की स्थिति में श्वसन पर ध्यान देना चाहिए | प्रत्येक सूर्य नमस्कार के समय बीज मंत्र का उच्चारण में करें |

Surya_Namaskar

ध्यान

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योग निद्रा-Yoga Nidra

योग निद्रा सोने और जागने की बीच की अवस्था है। इसे शवासन भी कहते है , शव का मतलब मृत शरीर से है।अंग्रेजी में इसे क्रॉप्स और डी.आर.टी कहते है , डी.आर.टी का मतलब डीप रिलैक्सेशन टेक्नीक से है।

benefits of yoga nidra

सूक्ष्म व्यायाम

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समत्वं योग उच्यते